ब्रेकफास्ट में बनाएं हेल्दी सूजी ढोकला।

ढोकला खाने में बड़ा ही स्वादिष्ट, बहुत ही हल्का और हेल्दी एक लोकप्रिय गुजराती स्नैक है. बनाने में बहुत आसान होता है. आप इस रेसिपी के जरिए आसानीसे अपने घरपर ढोकला आना सकते है.अच्छी बात ये है कि ढोकले को बनाने में ऑइल का इस्तेमाल नहीं होता क्योंकि इसे स्टीम करके बनाया जाता है और यह सेहत के साथ-साथ वेट लॉस के लिए भी फायदेमंद है।

हेल्दी सूजी ढोकला बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

सूजी – 1 कप
दही खट्टी – आवश्यकतानुसार
प्याज – 1
टमाटर – 1
अंकुरित दाल – 1 कप
नमक – 1छोटा चम्मच लाल
मिर्च पाउडर – ½ चम्मच
खाने वाला सोडा – ½ छोटा चम्मच
हरी मिर्च – 5-6

हेल्दी ढोकला बनाने की विधि

सूजी में खट्टा दही डाल कर पकौडों जैसा घोल बनाएं।

इस घोल में बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, अंकुरित दाल, नमक, लाल मिर्च व सोडा डाल कर मिलाएं।

एक चिकनाई लगे बर्तन में पलट कर भाप में ढक कर पकाएं

बाहर निकाल कर टुकडों में काट कर चटनी के साथ परोसें।(ब्रेकफास्ट में बनाए सूजी का उत्तपम )

हेल्दी सूजी ढोकला को सर्व करें

सूजी ढोकला को आप हरी चटनी और हरी मिर्च के साथ सर्व कर सकते हैंं।

क्यों हेल्दी है ढोकला ?

ढोकले का नाश्ते में सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। सुबह हमें हल्का और हेल्दी फूड लेना चाहिए। जिसके लिए ढोकला सबसे अच्छा विकल्प है। गुजराती स्नैक ढोकला को स्टीम करके बनाया जाता है। आटा मिला होने से इसके पोषक तत्व बढ़ जाते हैं। दाल होने की वजह इस डिश में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा भी बढ़ जाती है। ढोकला में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिस वजह से यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतर डिश है।

ढोकले के नियमित सेवन से बॉडी का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और शरीर की एक्स्ट्रा चर्बी घटती है। इसके अलावा ढोकला खाने से पेट संबंधी भी कोई रोग नहीं होता। यदि आप 1 हफ्ते तक भी ढोकले का नाश्ते करेंगे तो आपको अपने वजन में काफी अंतर दिखेगा।इसके अलावा ढोकला खाने से से हमारे शरीर में नए सेल्स बनते हैं। क्योंकि ढोकला ज्यादातर बेसन से बनता है। इसलिए इसमें काफी मात्रा में फाइबर और आयरन होता है।

100 ग्राम ढोकला में होती है 160 कैलोरी ढोकले को स्टीम करके बनाया जाता है तेल से नहीं, इसलिए इसमें कम कैलोरी होती है।आपको बता दें कि 100 ग्राम ढोकला में केवल 160 कैलोरी होती है। इसके अलावा ढ़ोकला को खमीरी भोजन भी कहा जाता है। जैसे इडली और डोसा को। इनके लिए आटा पहले ही भीगा कर छोड़ दिया जाता है जिससे कि उसमें खमीर पैदा हो सके। ऐसे खमीर वाले भोजन मोटापा कम करने में मदद करता है।

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