मेरे सामाजिक आर्थिक राजनीतिक आध्यात्मिक गुरु माननीय नेता जी श्री घीसीलाल मालवीय जी के चरणों में उनके जन्मदिन पर समर्पित यह कविता

भारत मां के सच्चे लाल हो आप

इछावर की धरती पर एक सपूत ने जन्म लिया
अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का उसने दृढ़ संकल्प लिया
भगत जी गायक रामरतन के आंगन की किलकारी, मां राजल देवी की संतान हो आप
रामपुरा का बढ़ा दिया गौरव, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

गरीबी की हर मार को देखा, बहुरूपी इंसान के व्यवहार को देखा, जिंदगी की अठखेलियां से खुद को होते दो-चार देखा
संघर्षों की आंधी भी रूख मोड़े, ऐसे खड़े पहाड़ हो आप
हर चुनौती से टकरा जाए, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

समाज सेवा का भाव था मन में, परिवर्तन का भाव था तन में
अर्थशास्त्र मन बदल रहा था, मां दुर्गा आई अंतर्मन में
मां हिंगलाज सेवा संस्थान का कर दिया उद्घाटन, मन की कर लेते हो आप
सर्वजन हिताय रहा आपका ध्येय, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

राजा भोज की नगरी में, गरीब की बदहाल अवस्था थी
हाथ में तो हुनर तो हुनर बहुत था, पर ना रोजगार की व्यवस्था थी
सत्ता से भिड़ जा छीन ली छत , रोजी रोटी का माध्यम बने हो आप
प्राण लगा दिए स्वयं के दांव पर, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

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झुग्गी झोपड़ी के रहवासी, नागरिक नहीं कहलाते थे
सरकार के विकास एजेंडे में शामिल नहीं हो पाते थे स्थापना कर झुग्गी झोपड़ी विकास मंच की, अधिकार दिलाने वाले हो आप
हजारों योजनाओं की सौगात दे दी, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

बड़े मीडिया हाउस में जनसामान्य के मुद्दे गायब थे
व्हाइट कॉलर पत्रकार महोदय तो जैसे बहुत बड़े साहब थे
अधिमान्य पत्रकार महासंघ की हुई स्थापना, जनसामान्य की आवाज हो आप
चौथे स्तंभ को किया सार्थक, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

गौरक्षा के बड़े नाम पर दंगे जो करवाते हैं
राजनैतिक स्वार्थ की खातिर, मासूमों को मरवाते हैं
मानवता की कर रहे हत्या, हत्यारों को एक जवाब हो आप
गौमाता की करके सेवा, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

आईटी का आया जमाना, ज्ञान था सबको बहुत जरूरी
कंप्यूटर का कोर्स था महंगा, क्योंकि आय नहीं थी पूरी
हाईटेक की रख दी नीव, निर्धन के स्वप्न की मांग हो आप
निर्धन जनता आभारी है, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

भाऊखेड़ी के रहवासी, बिजली संकट से जूझ रहे थे
इस समस्या का वो हल, लालफीताशाही में ढूंढ रहे थे
बिजली संकट दूर कराया, रोशनी के दान हो आप
भाऊखेड़ी की याद में है वो, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

विकास की इस यात्रा में, वीरपुर पीछे छूट गया
अपनों से अपनों का संपर्क वर्षों से था टूट गया
संचार के तार हैं जोड़े, विकास पुरुष की चाल हो आप
धन्य हो गई वीरपुरी जनता, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

रिजल्ट रुक गया आईटीआई का, छात्र भविष्य अधर में था
बकतल का रेहान विनती, लेकर आपके घर में था
रिजल्ट घोषित कराया आपने, छात्रों के लिए वरदान हो आप
छात्र हित रहा केंद्र में जिसके, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

वृद्धा की पेंशन से लेकर, कुटिया तक बनवा डाली
अधिकारी जो सुन नहीं रहा था, ब्यूरोक्रेसी हिला डाली
मंत्री, विधायक या हो सांसद, चुनौती का एक सवाल हो आप
इछावर कर रहा अब पछतावा, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

आपका नहीं कोई तोड़ है, विरोधियों में लगी होड़ है
किंग मेकर की यात्रा में उलझावन का जटिल मोड़ है
शत्रु रच रहा अनेकों षड्यंत्र, हर षड्यंत्र का तोड़ हो आप
शत्रु में अब भय व्याप्त है, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

जिनका कोई वजूद नहीं था ऊंचे ऊंचे पद पर हैं
इतिहास भूल गए वह अपना, आप के काल के जयचंद हैं एहसान भी कर दिए ढेरों, गलतियां भी कर दी माफ
पद की लालसा कभी नहीं थी, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

जनता का आशीर्वाद हैं आप, ईमानदारी की तस्दीक हैं आप
छुरा घोंपा पीठ में जिसने, वोट दिए उनको भीख में आप
अत्याचार न कर पाए कोई, अत्याचारी का काल हो आप
जनसेवा ही जिसका धर्म हो, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

जो आपसे टकराएगा वह चूर चूर हो जाएगा
दिल में रखे प्रेम भावना, वह दुगना प्यार पाएगा
खंड खंड बिखरे समाज को, एकता की मिसाल हो आप
शिवाजी नगर कर रहा अभिनंदन, भारत मां के सच्चे लाल हो आप

जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं संजीव आपको देता है राजनीति की दे दो दीक्षा बस यही वायदा लेता है
जियो हजारों साल, उम्र का पहिया ठहराओ आप
हम सबको है आपकी जरूरत, भारत मां के सच्चे लाल हो आप.

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