माँ के प्यार और ममता से भरी दो अनमोल कहानियां। मदर्स डे स्पेशल (mother’s day special)

कहानी (1)

एक मां ने अपने मानसिक रोगी बच्चे को बनाया महान व्यक्ति

एक दिन थॉमस अल्वा एडिसन | Thomas Alva Edison स्कूल से अपने घर आया और स्कूल से मिले हुए हुए पेपर को अपनी माँ से देते हुए बोला की “माँ मेरे शिक्षक ने मुझे यह पत्र दिया है और कहा है की इसे केवल अपनी माँ को ही देना, बताओ माँ आखिर इसमें ऐसा क्या लिखा है मुझे जानने की बड़ी उत्सुकता है”.

तब पेपर को पढ़ते हुए माँ की आखे रुक गयी और तेज आवाज़ में पत्र पढ़ते हुए बोली “आपका बेटा बहुत ही प्रतिभाशाली है यह विद्यालय उसकी प्रतिभा के आगे बहुत छोटा है और उसे और बेहतर शिक्षा देने के लिए हमारे पास इतने काबिल शिक्षक नही है इसलिए आप उसे खुद पढाये या हमारे स्कूल से भी अच्छे स्कूल में पढने को भेजे” ये सब सुनने के बाद एडिसन अपने आप पर गर्व करने लगा और माँ के देखरेख में अपनी पढाई करने लगा।

लेकिन एडिसन के माँ के मृत्यु के कई सालो बाद एडिसन तो एक महान वैज्ञानिक बन गया और एक दिन अपने कमरों की सफाई कर रहा था तो उसे अलमारी में रखा हुआ वह पत्र मिला जिसे उसने खोला और पढने लगा उसमे लिखा था की “आपका बेटा मानसिक रूप से बीमार है जिससे उसकी आगे की पढाई इस स्कूल में नही हो सकता है इसलिए उसे अब स्कूल से निकाला जा रहा है” इसे पढ़ते ही एडिसन एक भावुक हो गया और फिर अपनी डायरी में लिखा की “ थॉमस एडिसन तो एक मानसिक रूप से बीमार बच्चा था लेकिन उसकी माँ ने अपने बेटे को सदी का सबसे प्रतिभाशाली व्यक्ति बना दिया”.(आज ही क्यों नहीं एक प्रेरणादायक कहानी)

नैतिक शिक्षा :-

जीवन में हम क्या है कैसे है यह महत्वपूर्ण नही है लेकिन अगर अपने ऊपर माँ की ममता और प्यार हो तो मानसिक रूप से भी बीमार बच्चे की भविष्य और नियति को बदला जा सकता है और बच्चा माँ के आचल से दुनिया का सबसे महान व्यक्ति भी बन सकता है.

कहानी(2)

माँ की ममता का मोल एक कहानी(The Value of Mother a Story with Moral)

एक व्यक्ति जो की अपने जीवन में काफी सफल हो चूका था और एक दिन अपनी माँ के पास गया और बोला “माँ आज कुछ भी मेरे पास है मै जिस सफलता के बुलंदियों को पा चूका हु वो सब आपके प्यार और ममता की ही देन है इसलिए माँ मै चाहता हु आपने जो प्यार दिया है मै उसका ऋण चुकता करना चाहता हु”

यह सुनकर माँ आश्चर्यचकित हो गयी और बोली “नही बेटा मुझे अपनी ममता और प्यार के बदले कुछ भी नही चाहिए ये तो मेरा फर्ज था जो की मै अपनी संतान के लिए किया”

लेकिन वह व्यक्ति बार बार जिद करने लगा नही माँ मै आपके प्यार और ममता के बदले कुछ देना चाहता हु माँ आप मांगों तो सही, तो बार बार जिद करने के बाद माँ बोली “ठीक है क्या तुम मेरे साथ जैसे बचपन में सोते थे वैसे सो सकते हो क्या” यह बात सुनकर वह व्यक्ति बोला बस इतनी सी बात है तो जरुर मै अपनी माँ के पास आज रात सोऊंगा

और जैसे ही रात में वह व्यक्ति अपने पास के सो गया माँ उठकर एक मग पानी ले आती है जहा अपने सोयी थी उस तरफ से पानी डाल देती है जिससे धीरे धीरे वह पानी उस व्यक्ति की तरफ भी चला गया और फिर नमी से वह व्यक्ति परेशानी महसूस करने लगा और दूसरी तरफ खिसक गया तो फिर माँ ने और पानी डाल दिया जिससे जिससे उधर भी नमी महसूस हुआ तो वह तुरंत उठ गया और अपनी माँ के हाथ में मग देखकर गुस्से से बोला “आप क्या कर रही हो माँ, मुझे सोने क्यू नही देती हो आप मुझे गीली बिस्तर पर भला कैसे सुला सकती हो”

तो वह माँ बोली “ बेटा जब तुम बचपन में मेरे साथ सोते थे तो ऐसे ही तुम भी बिस्तर गीली कर देते थे और फिर मै दूसरी तरफ तुम्हे करके खुद गीली स्थान पर सो जाती थी तुम तो मेरे प्यार और ममता का कर्ज चुकाना चाहते हो जो मैंने तुम्हारे लिए किया था क्या तुम मेरे लिए थोडा सा भी केवल एक रात के लिए गीले में सो नही सकते हो यदि तुम ऐसा कर सकते है तो मै समझ जाउंगी की तुमने मेरे ममता का कर्ज चूका दिया है”

माँ की बाते सुनकर अब उस व्यक्ति की आखे खुल गयी थी उसे अब समझ आ चूका था की जो माँ अपने न जाने कितने रातो को मेरे ख़ुशी के लिए ऐसे ही गुजार दिए है भला उस माँ का कर्ज कैसे चुकता किया जा सकता है अब वह किये पर शर्मिंदा था.(लकड़ी का कटोरा एक प्रेरणादायक कहानी)

नैतिक शिक्षा :-

इस दुनिया में चाहे कितने भी ऋण और कर्ज हो चुकाए जा सकते है लेकिन माँ के प्यार और ममता के मोल को कभी भी नही चुकाया जा सकता है यहाँ तक एक माँ अपने पुत्र को इस संसार में पाने के लिए सारे दुखो को भूल जाती है एक सन्तान जो की माँ के कलेजे का टुकड़ा ही होता है जिसे चाहकर भी माँ अपने अपने संतान को कभी भी अपने से अलग होते हुए नही देखना चाहती है,

माँ चाहे कितने भी दुःख में न हो लेकिन एक माँ ही अपने संतान के हित की बात हर घडी सोचती रहती है इसलिए हमे भूलकर माँ के ममता और प्यार का मोल नही लगाना चाहिए अगर कुछ देना ही है तो हमे अपनी माँ के प्रति हमेसा प्रेम बनाये रखना चाहिए क्यू की इस दुनिया में हमारी माँ जैसी कोई दूसरी चीज भी नही है.

तो आप सभी को माँ के प्यार और ममता की ये दो कहानिया कैसी लगी कृपया हमे कमेंट बॉक्स में जरुर बताये और आपको यह कहानी अच्छी लगी तो अपने दोस्तों को भी शेयर करना न भूलें। धन्यवाद।

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