(coronavirus): बहुत कुछ सिखा रहा है कोरोना कर्फ्यू

पिछले कुछ दिनों से हम सब घर में कैद से हो कर रह गए हैं. स्कूल ,कॉलेज ,ऑफिस, बाजार, मॉल ,मेट्रो ,ऑटो रिक्शा, टैक्सी सब कुछ बंद है.

पिछले कुछ दिनों से हम सब घर में कैद से हो कर रह गए हैं. स्कूल ,कॉलेज ,ऑफिस, बाजार, मॉल ,मेट्रो ,ऑटो रिक्शा, टैक्सी सब कुछ बंद है. पर याद रखें, कर्फ्यू हमारे ऊपर है हमारे दिमाग, हमारी सोच और काम करने के जज्बे पर नहीं है. वैसे भी कोरोना कर्फ्यू हमें बहुत कुछ सिखा रहा है .बस जरूरत है इन सीखों को समझने की,

1. सफाई की अहमियत

कोरोना वायरस के खौफ ने लोगों को सफाई की अहमियत सिखा दी है. आज हर शख्स बाहर से आते ही कपड़े बदलता है, हाथ मुंह धोता है, घर की साफसफाई रखता है ,कोई भी सामान बिना धोए यूज नहीं कर रहा. सफाई से जुड़ी ये छोटीछोटी बातें एक्चुअली हमें हमेशा ही ध्यान में रखनी चाहिए. क्यों कि हर तरह की बीमारियों से बचे रहने की पहली शर्त साफसफाई ही होती है.

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2. जिंदगी बचाने के लिए मंदिर नहीं विज्ञान पर विश्वास करो

इस बीमारी ने लोगों को अच्छी तरह अहसास दिला दिया है कि जिंदगी बचाने के लिए पंडितों और मौलवियों के चरणों में लोटने, चढ़ावे चढ़ाने या मंदिर और मस्जिदों के चक्कर लगाने का कोई फायदा नहीं है . धर्मगुरुओं को तो खुद अपनी जिंदगी बचाने के लाले पड़ रहे हैं. कोरोना की इस लड़ाई में क्या किसी पंडित या मौलवी ने सामने आ कर यह कहा कि बच्चों मेरे दर पर भीड़ लगाओ.  मेरे भस्म से सब ठीक हो जाएगा.

3. रिश्तों की अहमियत

काम और पढ़ाई की भागदौड़ में हम अपनों के साथ ज्यादा समय नहीं बिता पाते. उन की भावनाओं को महसूस नहीं कर पाते. मगर अभी वक्त है अपने रिश्तो में प्रगाढ़ता लाएं . उन्हें नए नजरिए से देखें. दिलों को जोड़े. कोरोना खौफ के बीच शायद आप समझ गए होंगे कि जिंदगी में अपने कितने महत्वपूर्ण होते हैं.

4. खुद को तलाशें

फिलहाल भले ही हमारे आगे केवल हमारा घर, परिवार और तन्हाई है . पर याद रखें हमारे पास वक्त भी है. हमें खुद को समझने का अच्छा मौका मिल रहा है. अपनी उन दबी इच्छाओं को पूरा करने का मौका मिल रहा है जिन्हें हम जिंदगी की भागदौड़ के बीच चाहकर भी पूरा नहीं कर पाते हैं . तो फिर आइए कोरोना कर्फ्यू के इस समय को बर्बाद करने और बोर होने के बजाय कुछ नया सीखे, कुछ नया करें.  हो सकता है आप को अपनों से ही बहुत कुछ सीखने को मिल जाए या फिर आप अपने दबे हुए टैलेंट और हौबीज को नए आयाम दे सके.

5. जिंदगी ना मिलेगी दोबारा

कोरोना वायरस के चंगुल में फंसे बीमार, छटपटाते लोगों को देख कर कहीं न कहीं आप को अपने स्वस्थ शरीर की अहमियत का अहसास जरूर हुआ होगा. जो लोग जराजरा सी बात पर खुद को और दूसरों को मारने पर उतारू हो जाते हैं जरा उन्हें बिना मास्क और सैनिटाइजर के किसी कोरोना मरीज के करीब रहने या हाथ मिलाने को कहें. वे डर कर पीछे हट जाएंगे. क्यों कि कोई भी ऐसा नहीं जिसे अपनी जिंदगी से प्यार नहीं . मौत को इतने करीब देख कर सब के छक्के छूट जाते हैं. बेहतर होगा कि फिर से एक बार अपनी जिंदगी की खूबसूरती को महसूस करें.

6. काम से प्यार

हम में से ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें रोज ऑफिस जाना और काम करना बहुत बोझ लगता है. मगर आज उन्हीं लोगों से पूछ कर देखें तो उन का जवाब होगा कि बिना काम जिंदगी में कुछ रखा ही नहीं.  इतनी बोरियत और इतना खालीपन है. दरअसल जब इंसान अपना काम करता है तभी वह जिंदगी को वास्तविक रूप से महसूस कर पाता है. इसलिए आज के बाद हमेशा अपने काम से प्यार कीजिए.

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7. कुदरत से जंग उचित नहीं

कुदरत ने दुनिया बनाते हुए तमाम चीजें बनाई, पेड़पौधे, पशुपक्षी, इंसान, हवापानी, मिट्टी जल, फलफूल ,रातदिन .  क्या कुछ नहीं दिया कुदरत ने हमें. मगर इंसानों ने अपनी शक्ति और बुद्धि के घमंड में प्रकृति को ही चुनौती दे डाली. नतीजा हमारे सामने है . कोरोना वायरस ने हमें सिखाया है कि प्रकृति के संतुलन को बिगाड़े नहीं तभी हमारी जिंदगी सुरक्षित रहेगी.

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